₹472.23 लाख की लागत से बनी ऑटोमेटेड पार्किंग, डीएम सविन बंसल की योजना को मिला मुख्यमंत्री धामी का समर्थन

₹472.23 लाख की लागत से बनी ऑटोमेटेड पार्किंग, डीएम सविन बंसल की योजना को मिला मुख्यमंत्री धामी का समर्थन

 

₹472.23 लाख की लागत से बनी ऑटोमेटेड पार्किंग, डीएम सविन बंसल की योजना को मिला मुख्यमंत्री धामी का समर्थन

 

परेड ग्राउंड में निर्मित ऑटोमेटेड पार्किंग जनमानस को समर्पित, शहर को जाम से मिलेगी राहत मा० मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड द्वारा जनपद देहरादून के परेड ग्राउंड में 111 वाहन क्षमता वाली ऑटोमेटेड पार्किंग का विधिवत लोकार्पण कर इसे जनमानस को समर्पित किया गया। यह आधुनिक पार्किंग सुविधा लगभग रू0 472.23 लाख की लागत से निर्मित की गई है।
मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने एवं नागरिकों को सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। जिला प्रशासन द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से ऑटोमेटेड पार्किंग का निर्माण कराया गया है, जिससे शहरी यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ बनाया जा सके। जिला प्रशासन की इस योजना के अंतर्गत शहर में कुल तीन प्रमुख ऑटोमेटेड पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं, जिनमें परेड ग्राउंड (111 वाहन क्षमता), तिब्बती मार्केट (132 वाहन क्षमता), कोरोनेशन (18 वाहन क्षमता) शामिल हैं।
इन पार्किंग सुविधाओं को और अधिक प्रभावी एवं नागरिक हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल करते हुए “फ्री सखी कैब सेवा” संचालित की जा रही है। इस सेवा के अंतर्गत जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, देहरादून को नई ईवी वाहन (टाटा पंच) उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से पार्किंग में वाहन खड़ा करने वाले वाहन स्वामियों को नजदीकी व्यस्त एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तक निःशुल्क आवागमन की सुविधा प्रदान की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, शहर में सार्वजनिक परिवहन को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जल्द ही आधुनिक ईवी मिनी बस शटल सेवा प्रारंभ की जाएगी। यह सेवा पार्किंग स्थलों से प्रमुख गंतव्यों तक आवागमन को आसान बनाएगी तथा निजी वाहनों के उपयोग को कम करने में सहायक सिद्ध होगी।
जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल शहर को जाम से राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट एवं नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी एक सराहनीय पहल है।

Previous post

कुलपति प्रो. कौशल ने कृषि मंत्री को विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले आगामी दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करने हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया

Next post

मेडिकल कॉलेज प्रशासन बोला—छात्रा की स्थिति को देखते हुए हर संभव सहयोग दिया गया

Post Comment

You May Have Missed