भाषण खत्म कर मुख्यमंत्री जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचे, तो पहले तो उन्होंने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाद में मुख्यमंत्री की पीठ भी थपथपा दी

भाषण खत्म कर मुख्यमंत्री जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचे, तो पहले तो उन्होंने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाद में मुख्यमंत्री की पीठ भी थपथपा दी

भाषण खत्म कर मुख्यमंत्री जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचे, तो पहले तो उन्होंने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाद में मुख्यमंत्री की पीठ भी थपथपा दी

 

 

 

 

 

शीतकालीन यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शानदार बाॅंन्डिग गुरूवार को भी दिखी। प्रधानमंत्री को जब जहां मौका मिला, वह मुख्यमंत्री को शाबासी देते, प्रोत्साहित करते हुए दिखाई दिए। भाषण खत्म कर मुख्यमंत्री जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचे, तो पहले तो उन्होंने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाद में मुख्यमंत्री की पीठ भी थपथपा दी।

एक के बाद एक महत्वपूर्ण फैसले लेने और उन्हें अमल में लाने के मुख्यमंत्री के अंदाज को शीर्ष स्तर पर पसंद किया जा रहा है। चाहे समान नागरिक संहिता हो या राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, प्रधानमंत्री के स्तर पर मुख्यमंत्री को भरपूर शाबासी मिली है। अब शीतकालीन यात्रा के लिए राज्य सरकार के प्रयास पर प्रधानमंत्री संतुष्ट नजर आ रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने इसका बार-बार जिक्र भी किया। उन्होंने शीतकालीन यात्रा के उत्तराखंड से जुडे़ आर्थिक पहलु को रेखांकित करते हुए इसे अभिनव पहल बताया। साथ ही, इसके लिए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार को धन्यवाद भी दिया।

अपने संबोधन की शुरूआत में मुख्यमंत्री के लिए प्रधानमंत्री ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वह गौर करने वाले रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को छोटा भाई और ऊर्जावान मुख्यमंत्री कहते हुए संबोधित किया। उन्होंने अपनी केदारनाथ यात्रा का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यह दशक उत्तराखंड का बन रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार बढ़िया काम कर रही है।

 

कभी मुस्कराए, कभी विनम्रता से जोड़े हाथ

हर्षिल की जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्षेत्रवासियों के जबरदस्त उत्साह के दर्शन भी हुए। कार्यक्रम में कई बार मोदी-मोदी के नारे गूंजे। इस पर प्रधानमंत्री कई बार मुस्कराए। कई बार उन्होंने विनम्रता से हाथ जोड़ लिए। पारंपरिक परिधान और टोपी पहने प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई आंमुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के तहत नए प्रावधानों को मंजूरी दे दी गई है

 

 

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखपति दीदी संकल्प को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है

 

 

नए प्रावधानों से राज्य की महिलाओं को और अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी:जोशी

 

 

 

क्यों बोल मंत्री जोशी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा

 

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि हर महिला आत्मनिर्भर बने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सके।

 

 

 

 

 

देहरादून, 03 मार्च। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के तहत नए प्रावधानों को मंजूरी दे दी गई है।

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखपति दीदी संकल्प को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस योजना के नए प्रावधानों से राज्य की महिलाओं को और अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि हर महिला आत्मनिर्भर बने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सके। उन्होंने कैबिनेट के इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रिमंडल का आभार भी व्यक्त किया।

उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित समूहों/ग्राम संगठनों एवं क्लस्टर संगठनों को मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के तहत विभिन्न घटकों को आच्छादित किये जाने के लिए पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 05 घोषणाएं की गयी हैं। जिसमें मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत रू0 2.30 करोड़ की धनराशि दिये जाने, क्लस्टर स्तरीय संगठन (सी.एल.एफ.) में महिलाओं की व्यवसायिक गतिविधियों के संचालन हेतु रू0 15.40 करोड़ की व्यवस्था, लखपति दीदी बनाये जाने के उद्देश्य से अल्मोड़ा और कोटद्वार में रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर की स्थापना के लिए रू. 25.00 लाख की धनराशि की जाऐगी, डिजिटल एमआईएस के लिए रू0 75.00 लाख की धनराशि तथा राष्ट्रीय स्तर के राज्य में आयोजित होने वाले 02 सरस मेलों के आयोजन के लिए मैचिंग ग्रान्ट के रूप में प्रति मेला रू0 11.12 लाख की धनराशि प्रदान की जायेगी।चलिक शब्दों का इस्तेमाल भी किया।

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