नगर निगम क्षेत्र में जलभराव से निपटने को गठित की गईं विशेष टीमें, नगर मजिस्ट्रेट व एसडीएम की निगरानी में कार्य कर रहीं सक्रिय इकाइयाँ।

नगर निगम क्षेत्र में जलभराव से निपटने को गठित की गईं विशेष टीमें, नगर मजिस्ट्रेट व एसडीएम की निगरानी में कार्य कर रहीं सक्रिय इकाइयाँ।

नगर निगम क्षेत्र में जलभराव से निपटने को गठित की गईं विशेष टीमें, नगर मजिस्ट्रेट व एसडीएम की निगरानी में कार्य कर रहीं सक्रिय इकाइयाँ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

देहरादून, दिनांक 15 जुलाई 2025 (सू.वि) मानसून काल में सड़कों पर जलभराव की समस्या के समाधान करने की दिशा में जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन की क्वीक रिस्पांस टीम पूरी सक्रियता के साथ मैदान में है। आपदा नियंत्रण कक्ष में शिकायत प्राप्त होते ही टीम मौके पर पहुंचकर जलभराव सीवर लीकेज आदि समस्याओं का निस्तारण कर रही है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश है निर्माणदायी संस्थाएं अपना कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लें। यदि निर्माण कार्यों से जनमन के अधिकार बाधित हुए तो सम्बन्धित एजेंसियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

वर्षा के दौरान बंजारावाला लक्ष्य एन्क्लेव और आसपास के अन्य क्षेत्रों से जनमानस की सड़क पर जलभराव आदि शिकायत प्राप्त हो रही है। जिस क्यूआरटी टीम द्वारा मौके पर समाधान किये जा रहे है। बंजारावाला अन्तर्गत मुख्य सड़क पर सड़क कार्य पूर्ण हो गया है। आंतिरिक सड़कों पर 50 प्रतिशत् कार्य पूर्ण हो गया है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था यूयूएसडीए के अधिकारियों शेष सड़क मरम्मत कार्य 3 दिन के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए है। अन्यथा सम्बन्धित के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई है। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी ने क्षेत्र का भ्रमण कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए 03 दिन के भीतर कार्य पूर्ण करने के जिलाधिकारी की चेतावनी से अवगत कराया।

दून अस्पताल मार्ग पर सीवर ओवरफ्लो की शिकायत मिलने पर प्रशासन की क्यूआरटी सक्रिय होकर स्थिति को नियंत्रण करते हुए समाधान किया। यह कार्यवाही न केवल त्वरित थी, बल्कि समस्या की मूल जड़ अवैध रूप से जुड़े पाइपलाइन को चिन्हित कर स्थायी समाधान किया गया। निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में बोतलें, कचरा, मलबा और अन्य सामग्री भी सीवर से निकाली गई, जिससे सिस्टम पूरी तरह सुचारु हो गया। टीम द्वारा की गई गहन जांच में यह तथ्य सामने आया कि सड़क किनारे बने नाले से एक अवैध पाइपलाइन सीवर चौंबर से जोड़ी गई थी। प्राथमिक दृष्टि में यह आशंका जताई गई कि वर्षा के समय नाले का पानी इस सीवर चैंबर में प्रवेश कर रहा था, जिससे कुछ समय के लिए जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। टीम द्वारा अविलंब उक्त पाइपलाइन को बंद किया गया एवं सीवर लाइन की सफाई कर उसे सामान्य अवस्था में लाया गया। निरीक्षण के दौरान चौंबर से प्लास्टिक की बोतलें, कूड़ा-कचरा एवं अन्य अवरोधक सामग्री भी निकाली गई, टीम द्वारा मौके से हटाया गया।

जिलाधिकारी का कहना है कि जनशिकायतें शासन की प्राथमिकता हैं। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध समाधान किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इस प्रकार की समस्याएं स्थायी रूप से न हों, इसके लिए नियमित अभियान चलाया जाए।

जिलाधिकारी ने मानसून अवधि के दौरान नगर निगम क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरी और एसडीएम कुमकुम जोशी की अध्यक्षता संबंधित विभागों के सहयोगी अधिकारियों को शामिल करते हुए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (क्यूआरटी) का गठन किया गया है। डीएम के हैं सख्त निर्देश त्वरित प्रतिक्रया दलों को जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करने, समस्या की पहचान और समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि आम लोगों को जल भराव से परेशानी का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने क्यूआरटी में नामित सभी अधिकारियों को मानसून अवधि के दौरान उनको आवंटित स्थानों पर जल निकासी में व्यवधान व चोकिंग पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने और चिन्हित क्षेत्रों में स्थित नाले-नालियों की साफ-सफाई की वस्तुस्थिति का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश जारी किए है।

 

Previous post

जब पूरा सिस्टम मौन था, तब डीएम सविन की संवेदना ने एक जले हुए मजदूर के लिए उम्मीद का दरवाज़ा खोला

Next post

शहीद द्वार निर्माण में तेजी लाने की तैयारी, हर जिले में दिखेगी शौर्य की अमिट छाप, लोगों में जगेगा गर्व।

Post Comment

You May Have Missed